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Tuesday, July 3, 2012

सोमनाथ मंदिर का इतिहास::--




मंदिर का बार-बार खंडन और जीर्णोद्धार होता रहा पर शिवलिंग यथावत रहा। लेकिन सन 1026 में महमूद गजनवी ने जो शिवलिंग खंडित किया, वह वही आदि शिवलिंग था। इसके बाद प्रतिष्ठित किए गए शिवलिंग को 1300 में अलाउद्दीन की सेना ने खंडित किया। इसके बाद कई बार मंदिर और शिवलिंग खंडित किया गया। बताया जाता है आगरा के किले में रखे देवद्वार सोमनाथ मंदिर के हैं। महमूद गजनवी सन 1026 में लूटपाट के दौरान इन द्वारों को अपने साथ ले गया था। सोमनाथ मंदिर के मूल मंदिर स्थल पर मंदिर ट्रस्ट द्वारा निर्मित नवीन मंदिर स्थापित है। राजा कुमार पाल द्वारा इसी स्थान पर अंतिम मंदिर बनवाया गया था।

सौराष्ट्र के मुख्यमंत्री उच्छंगराय नवल शंकर ने 19 अप्रैल 1940 को यहां उत्खनन कराया था। इसके बाद भारत सरकार के पुरातत्व विभाग ने उत्खनन द्वारा प्राप्त ब्रह्माशिला पर शिव का ज्योतिर्लिग स्थापित किया है। सौराष्ट्र के पूर्व राजा दिग्विजय सिंह ने 8 मई 1950 को मंदिर की आधार शिला रखी तथा 11 मई 1951 को भारत के प्रथम राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद ने मंदिर में ज्योतिर्लिग स्थापित किया। नवीन सोमनाथ मंदिर 1962 में पूर्ण निर्मित हो गया। 1970 में जामनगर की राजमाता ने अपने स्वर्गीय पति की स्मृति में उनके नाम से दिग्विजय द्वार बनवाया। इस द्वार के पास राजमार्ग है और पूर्व गृहमंत्री सरदार बल्लभ भाई पटेल की प्रतिमा है। सोमनाथ मंदिर निर्माण में पटेल का बड़ा योगदान रहा।

मंदिर के दक्षिण में समुद्र के किनारे एक स्तंभ है। उसके ऊपर एक तीर रखकर संकेत किया गया है कि सोमनाथ मंदिर और दक्षिण ध्रुव के बीच में पृथ्वी का कोई भूभाग नहीं है। मंदिर के पृष्ठ भाग में स्थित प्राचीन मंदिर के विषय में मान्यता है कि यह पार्वती जी का मंदिर है। सोमनाथजी के मंदिर की व्यवस्था और संचालन का कार्य सोमनाथ ट्रस्ट के अधीन है। सरकार ने ट्रस्ट को जमीन, बाग-बगीचे देकर आय का प्रबंध किया है। यह तीर्थ पितृगणों के श्राद्ध, नारायण बलि आदि कर्मो के लिए भी प्रसिद्ध है। चैत्र, भाद्र, कार्तिक माह में यहां श्राद्ध करने का विशेष महत्व बताया गया है। इन तीन महीनों में यहां श्रद्धालुओं की बड़ी भीड़ लगती है। इसके अलावा यहां तीन नदियों हिरण, कपिला और सरस्वती का महासंगम होता है। इस त्रिवेणी स्नान का विशेष महत्व है।

'' हर हर महादेव ''



साभार: भाई रवि तिवारी जी, फेसबुक 

16 comments:

  1. लोग ऐसा बताते हैं कि मुसलमान बादशाह मंदिर तोड़कर मस्जिद बना दिया करते थे। इस मंदिर को उन्होंने तोड़ा कई बार और मस्जिद एक बार भी नहीं बनाया, ऐसा क्यों ?
    यह भी कहा जाता है कि मुसलमान बादशाह हिंदुओं को मार डालते थे या उन्हें मुसलमान बना देते थे।
    ये मंदिर की सेवा के लिए इतने सारे हिंदू, बादशाहों ने छोड़ दिए थे क्या ?

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    1. डाक्टर साहब मेरे ख्याल से आपने इतिहास का अध्ययन ठीक से नहीं किया हैं. सारे का सारा इतिहास मुसलमान बादशाहों के द्वारा किये हुए अत्याचारों से भरा हुआ हैं. और उन्होंने किस तरह से हिन्दुओ का सफाया किया, धर्म परिवर्तन किये, पूरा का पूरा इरान, अफगानिस्तान, पकिस्तान, बांग्लादेश, इंडोनेसिया, मलेशिया, ये सभी हिंदू संस्कृति और भारत के अंग रहे हैं. आपके पूर्वज भी कभी हिंदू होगे. आप पढ़े लिखे होते हुए भी सच्चाई से आँखे मीच रहे हो. आप लोगो को सच्चाई हजम नहीं होती है, यही आप लोगो में कमी हैं.

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    2. जब मुसलमान बादशाह मार मार कर मुसलमान बनाया करते थे तो उनके 800 साल राज करने के बाद भी मंदिर में धूप नैवेद्य करने के लिए हिन्दू कहाँ से बचे रह गए ?
      और मंदिर तोड़ ही डाला तो उसे मस्जिद बनाने से उन्हें किसने रोका ?

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    3. आप जैसे लोगो की सोच एक तरफ़ा हैं, उससे आगे आप लोग सोच नहीं पाते हो, आप जैसे लोगो का कोई इलाज नहीं हैं.

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    4. ये तो हिंदू धर्मं और भारतीय संस्कृति की महानता हैं कि इस्लाम कि आंधी के सामने दुनिया कि बड़ी से बड़ी सभ्यता खत्म हो गयी, लेकिन इस्लाम भारत तक आकार रुक गया यंहा से आगे नहीं बढ़ पाया, पिछले १००० सालो में करीब २० करोड लोग या तो मारे गए या फिर धर्मपरिवर्तित किये गए. लेकिन वैदिक संस्कृति अटल खड़ी हुई हैं, और पूरी दुनिया में ११० करोड हिंदू अभी भी पूरी ताकत से खड़े हुए हैं. दुनिया में किसी एक देश में किसी एक धर्म कि इतनी बड़ी संख्या नहीं हैं जितने कि हिंदू भारत में हैं. और ये भी कटु सत्य हैं कि ९० % हिंदू जनसंख्या और हिंदू बहुल होने के कारण ही भारत धर्मनिरपेक्ष हैं. क्या कारन हैं जो देश का कोई भी हिस्सा जंहा हिंदू अल्पसंख्यक हैं वो देश से कटने लगता हैं, या अलग होने कि मांग करता हैं. हम लोगो का हमेशा सिद्धांत रहा हैं, जियो और जीने दो, पर लोग हमें ही जीने नहीं देते, आखिर क्यों..

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    5. सवाल अभी भी वही है
      मै आपकी बात से सहमत हू परन्तु आप सवाल का जवाब अभी तक नहीं दे पाए ...अगर मुस्लमान बादशाह जेसे महमूद गजनवी ने भारत पर १७ बार हमला किया और सोमनाथ के मंदिर को भी तोडा तो उसने वहा मस्जिद का निर्माण क्यूँ नही किया ?
      क्या महमूद गजनवी का उद्देश्य सिर्फ लुटपाट करना था ?

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    6. प्रवीण गुप्ता जी आपका इल्म बहुत प्यारा और तारीफ़ के काबिल है लेकिन उसमे हिन्दुत्व की गंध आती है ,आप हमेशा सच्चाई लिखे मुझे बहुत ख़ुशी होगी ! Javed Shah

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    7. सवाल अभी भी वही है
      मै आपकी बात से सहमत हू परन्तु आप सवाल का जवाब अभी तक नहीं दे पाए ...अगर मुस्लमान बादशाह जेसे महमूद गजनवी ने भारत पर १७ बार हमला किया और सोमनाथ के मंदिर को भी तोडा तो उसने वहा मस्जिद का निर्माण क्यूँ नही किया ?
      क्या महमूद गजनवी का उद्देश्य सिर्फ लुटपाट करना था ?

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    8. जी हाँ गजनवी का उद्देश्य सिर्फ लूटपाट करना ही था....

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    9. जावेद जी बात हिंदुत्व या इस्लामियत की नहीं हैं, ये तो एक इतिहास हैं...

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    10. i support praveen gupta.In 1951, Hindus constituted 22 percentage of the Pakistani population (this includes East Pakistan, modern day Bangladesh).Today, the share of Hindus are down to 1.7 percent in Pakistan and 9.2 percent in Bangladesh (In 1951, Bangladesh alone had 22% Hindu population)

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  2. i am also support praveen gupta. keep it up mr. gupta we are supporting to you always. jai hindu jai hindusthan.

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  3. आज भी ऐसे लोग हैं जो मानवता के दुश्मन हैं और गजनवी से भी ज्यादा खतरनाक हैं :-----------हिंदी की सच्चाई भारत में.....आपने बिल्कुल सच कहा मैं गुजरात में जिसे हिंदुओं का गढ़ मानते हैं, हिंदी भाषी होने के नाते सताया जा रहा हूँ, मेरी कोई नहीं सुनता, रिलायंस जो हिंदुओं की कम्पनी है, मेरे पीछे पड़ी है, मैंने कई पत्र मोदी साहब व अन्य ...अधिकारियों को लिखे हैं, मुझे रिलायंस अधिकारियों द्वारा धमकियाँ मिल रही हैं, मेरे बच्चे खतरे में हैं, गुजरात हाई कोर्ट में केस किया था वहाँ भी रिलायंस वाले अपना कमाल दिखा दिए हैं, गुजरात में लगभग सभी रिलायंस के हाथों बिके हैं मदद करो.....................
    Contact for detail - 9428075674, dr.ashokkumartiwari@gmail.com

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  4. केवल मनुष्य जाति के ही नहीं सम्पूर्ण सृष्टि के भी दुश्मन हैं रिलायंस वाले :-------------- पर्यावरण दिवस ( ५ जून ) आने का समय आ रहा है तो पुराना दर्द फिर ताजा हो गया है, बड़ी मेहनत और लगाव से मैंने रिलायंस टाउनशिप जामनगर गुजरात में एक सुन्दर बगीचा बागवानी व सेक्युरिटी डिपार्टमेंट के परमीसन से बनाया था आसपास के पशु -पक्षियों के अलावा गरीब व्यक्ति भी उनसे खाने-पीने की चीजें ले जाते थे .वह सभी के लिए खुला था .पर प्रिंसिपल सुन्दरम साहब जब मुझसे नाराज हुए ( हिंदी दिवस ( १४-९-१०) रिलायंस पेट्रोलियम जामनगर( गुजरात) के के.डी. अम्बानी विद्या मंदिर के प्राचार्य श्री एस. सुन्दरम ने प्रातःकालीन सभा में सभी के सामने कहा था "कौन बोलता है हिन्दी राष्ट्र भाषाहै, बच्चोंहिन्दी टीचरआपको मूर्खमानते हैं ऐसा संविधान में कहीं नहीं लिखाहै." हिन्दी मीटिंग में मैंने इसके लिए निवेदन किया था कि ऐसी बातें बच्चों के सामने कहने से वो भाषा सीखने पर कम ध्यान देंगे. फलस्वरूप आज मैं रिलायंस स्कूल से बेइज्जत करके निकाल दिया गया हूँ तथा राष्ट्र भाषा के प्रति अपशब्द कहने वाले वहीं हैं.,) तो मेरी अनुपस्थिति में इस बगीचे को बुलडोजर लगवाकर उजडवा दिया, मैंने बागवानी, सेक्युरिटी व अन्य अधिकारियों से निवेदन किया पर किसी ने ध्यान नहीं दिया, जैसे गरीब को कोई अच्छा काम करने का भी अधिकार नहीं होता है ....!!! कृपया ध्यान दें :-
    Wed, 14 September, 2011 12:04:28 PM
    Re: Happy Enviournment Day & Imp.Information.
    From:
    Dr. Ashok Kumar Tiwari
    View Contact
    To:
    machaih.thimaijh@ril.
    Cc:
    rohit.parmar@ril.com; sanjay tiwari ; ashokktiwari07@yahoo.co.in; Vardhani Prasad ; kdav principal
    :HINDI Divas Mubarak Ho !
    HAPPY ENVIRONMENT DAY( 05-6-11)

    Respected Sir, I wanted to give you an Imp. Information - when I returned home on 19-5-11 morning, many useful green, fruitful trees were seen cut and fallen down near my quarter :-

    3 Mango Trees, 5 Parijat ( Harsingar) flower trees, 5 Adhaul (Hibiscus flower) trees,

    4 Drumstick trees, 6 Papaya trees, 4 Banana trees, 2 trees of lemon,

    1 Jamun tree, 1 Amla tree, 2mehandi trees

    1 bel tree, many plants of Tulsi, Guava, Beli and other small flowers plants.


    After asking the neighbors and my daughter they told on 18-5-11 some people had come from reliance maintenance dept. with Bulldozer and destroy all trees and plants. All trees and plants 12 feet far from the boundary and were watered by reliance pipe (drip system).]

    Yours:

    Dr. Ashok Kumar Tiwari
    14- 09- 2011
    Contact for detail - 9428075674, dr.ashokkumartiwari@gmail.com

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  5. मैं भारत के गुजरात राज्य के अहमदाबाद से लिख रहा हूँ यहाँ जामनगर जिले में रिलायंस की आइल रिफायनरी है जहाँ इम्प्लाई के साथ बहुत बुरा सलूक होता है , देश औरराष्ट्र भाषा हिंदी के खिलाफ खुलेआम बोला जाता है, समझाने पर मुझे नौकरी से भी हटा दिया गया है , आशा है आप इसे न्यूज़ में छापकर दिखायेंगे डिटेल इस प्रकारहै :- Please see on this news sight :-http://www.newsvision.biz/index.php?id=213&page=national&nws=1657
    " हिन्दीदिवस की कोटि-कोटि शुभकामनाएँ" :- आज से लगभग दो साल पहले( १४-९-१०)रिलायंस पेट्रोलियम जामनगर ( गुजरात)के के.डी.अम्बानी विद्या मंदिर केप्राचार्य श्री एस.सुन्दरम ने प्रातःकालीनसभा में सभी के सामने कहा था "कौन बोलता है हिन्दी राष्ट्रभाषा है, बच्चों हिन्दी टीचर आपको मूर्ख बनाते हैं ऐसा संविधान में कहीं नहीं लिखा है." हिन्दी मीटिंग में मैंनेइसके लिए निवेदनकिया था कि ऐसी बातें बच्चोंके सामने कहने से वो भाषा सीखने पर कम ध्यान देंगे. फलस्वरूप आज मैं रिलायंस स्कूल से बेइज्जत करके निकाल दिया गया हूँ तथा राष्ट्र भाषा के प्रति अपशब्द कहने वाले वहीं हैं.,जंग का ऐलान हो गया है,आप सबकी सहायता चाहिए, ऐसे ही मार्ग दर्शन व सहयोग देते रहिये तो निश्चित जीत हमारी होगी !!!!!
    मुझे ये लोग पहले ही गलत इल्जाम लगाकर निकाल दिए हैं-(मै क्लास-१०के फर्स्टटर्म की बोर्ड परीक्षा में परीक्षक था, मैंने हिन्दी एच.ओ.डी.के ओर्डर को स्वीकार करके बोर्ड पेपर के कारण प्राचार्य से क्न्फर्मेसन चाहा था पर उसे ये डिनाई ऑफ़ ड्यूटी कहकर मुझे निकाल दिए हैं जिस पर निष्पक्ष जाँच होतो मैं निर्दोष हूँ पर ये ऐसा नहीं कर रहे हैं ) , मैंने गुजरात हाई कोर्ट में केस किया है , जिसकी सूचना व नोटिस इन लोगों को जा चुकी है पर ये कोर्ट को भी महत्व नहीं देते हैं, महामहिम राष्ट्रपति महोदया तथा प्रधानमंत्री भारत सरकार के कार्यालय से चीफ सेक्रेटरी गुजरात को तत्संबंधित पत्र भी आया है, पर ये उसे भी नहीं मान रहे हैं .(हमारा परिवार हिंदी विरोधी मानसिकता का शिकार हो रहा है, मेरे बच्चों तक को प्रताड़ित किया जा रहा है –
    छात्र -छात्राओं के प्रति भी इनका व्यवहार निर्दयतापूर्ण रहा है यही कारण है कि १० वीं कक्षा के बाद अच्छे बच्चे विद्यालय छोड़कर चले जाते हैं, जिस समय मेरे पुत्र की प्री बोर्ड परीक्षा थी - मुझे सस्पेंड किया गया, फिर महीनों रुके रहे जैसे ही बोर्ड परीक्षा 2011 शुरू हुई मेरी इन्क्वायरी भी शुरू करवा दिए, उसके पेपर के पहले इन्क्वायरी तिथि रख करके उसे डिस्टर्ब करने का प्रयास किये, इन्टरनेट कनेक्सन भी कटवा दिया जिससे वो अच्छी तैयारी नहीं कर सका और परीक्षा ख़त्म होते ही रोते हुए अहमदाबाद आ गया. मैं १०-अ का अध्यापक था उन बच्चों का भी नुक्सान हुआ है जिनको मैं पढ़iता था . मेरी पत्नी तथा बच्ची को जेंट्स सेक्युरिटी भेजकर - भेजकर प्रताड़ित करवाते रहे और नौकरी छोड़ने पर मजबूर कर दिए .) कृपया मदद करें). इस पर आपकी सहायता चाहिए जिससे रिलायंस और के०डी० अम्बानीस्कूल वाले भी मानवाधिकार का पालन करना सीख जाएँ कृपया मदद करके हमें अनुग्रहीत करें. बहुत - बहुत धन्यवाद .
    प्रार्थी :

    ( डॉ.अशोक कुमारतिवारी )
    हिंदी पी० जी०टी०, के० डी०अम्बानी विद्या मंदिर, रिलायंसटाउनशिप, जामनगर(गुजरात )- ३६११४२, दिनांक-7-5-12, वर्तमान पत्राचारका पता :- डॉ.अशोक कुमारतिवारी, पी -२०१.इन्द्रप्रस्थ टॉवर, निकट - हिमालयामाल, ड्राइव इन रोड, अहमदाबाद – ३८००५२, संपर्क-९४२८०७५६७४,८१२८४६५०९२,ईमेल-Dr.ashokkumartiwari@gmail.com, ashokktiwari07@yahoo.co.in

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